Timir Bandh


तिमिर-बन्ध यानि अंधकार का बंधन. अंधकार चाहे बाहरी हो या आतंरिक व्यक्ति को अपने चरित्र, मूल्यों और अस्तित्व पर सवाल उठाने पर मजबूर करता है. इसी विचार को तीन कहानियों में पिरोकर आपके सामने रखा है. इस किताब में निम्नलिखित कहानियाँ है:

मस्जिद का खज़ाना :- एक खंडहर हो गई मस्जिद अपने अन्दर कौन सा राज़ छिपाए है कि जो भी वहाँ जाता है अंधा हो जाता है. और तब क्या होगा जब अन्दर जाने वाला पहले ही अंधा हो?

मौत :- जब मौत आपके दरवाज़े पर दस्तक दे और आपसे पूछे कि अपने घर में से किसे आप उसके साथ भेजना चाहते हैं तो आप क्या करेंगे? ठीक यही सवाल मुँह बाए राकेश और माधवी दोनों के सामने खड़ा है.

पूनम की रात: किस्मत ने रवि को उसकी कॉलेज क्रश राधा से फिर मिलाया है. इस बार उनके बीच न समाज है न घर वाले, अगर है तो एक अमानुष जो हर पूनम की हर रात को खून की तलब लिए चल पड़ता है.

ये कहानियाँ अपने आप में पूरी होते हुए भी एक आगामी कहानी की ज़मीन पर बीज भर हैं. जिनसे देर-सवेर एक पौधा निकलना चाहता है. तब तक इन कहानियों का लुत्फ़ उठाइए.

Note: The stories contain graphic violence and sexual content.

सूचना: कहानियों में ग्राफिक हिंसा और यौन सामग्री शामिल है. ये पुस्तक 18 साल या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए है.