Library Ki Dahashat Aur Anya Kahaniyan


Book Cover

प्रस्तुत कहानी-संग्रह अपने में पाँच कहानियाँ समेटे है। अब ये कहानियाँ कितनी डरावनी हैं, हैं भी या नहीं ये तय करना आपका काम है। खैर, शुरुआत के लिए ये रहा उन पाँचों कहानियों का ब्यौरा, अति-संक्षेप में। क्यों, पूरी कहानी यहीं पढ़ लीजिएगा क्या?

लाइब्रेरी की दहशत: एक टाइम पास लगने वाली लाइब्रेरियन की नौकरी उस वक़्त अपर्णा को दोबारा सोचने पर मजबूर कर देती है जब वो न चाहते हुए उस कोने में दस्तक देती है जहाँ शायद उसे नहीं देना चाहिए था।

शीशमहल: खुली बाहों से स्वागत करने वाला हर इंसान और हर जगह आपका भला नहीं चाहते। विनी और उसके साथी सिर्फ एक रात ठहरना चाहते थे लेकिन उनके मेज़बान का इरादा कुछ और है।

पति परमेश्वर?: रश्मि की माँ ने उसे सिखाया था कि बेटी, पति परमेश्वर होता है। पर क्या वाकई?

अंधा शीशा: नई जगह, नए लोग और नए रिश्ते। मगर एक पुरानी चीज़ – अंधा शीशा

दिल के टुकड़े: ख्वाहिशें दिल मे रहा करती हैं और लोग भी,इन्हें दिल से निकालें तो दिल का क्या करें।राघव सिँह की बहन की शादी में जब एक बिन बुलाया मेहमान आ जाता है।